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मुंबई। बॉलीवुड केक सफल अभिनेता रितिक रोशन ने फिल्म 'कहो ना प्यार है' के जरिए बॉलीवुड डेब्यू किया था। यह फिल्म एक सप्ताह से थिएटर में चल रही थी और ब्लॉकबस्टर बनकर उभरी थी। रोशन परिवार में यह जश्न का समय था लेकिन किस्मत को परिवार के लिए कुछ और ही मंजूर था। रितिक रोशन के पिता और फिल्म के प्रोड्यूसर और डायरेक्टर राकेश रोशन को सांताक्रूज वेस्ट में उनके ऑफिस के पास गोली मार दी गई, जिससे रोशन परिवार और पूरा बॉलीवुड सदमे में चला गया। राकेश रोशन पर अंडरवर्ल्ड के लोगों ने हमला किया था। इस हमले के दौरान उन्हें दो गोलियां लगी थीं। उन्हें तुरंत उनके ड्राइवर ने अस्पताल पहुंचाया था। लेकिन यह गोलियां जान से मारने के लिए नहीं बल्कि उन्हें धमकाने के लिए मारी गई थी। यह हमला बुदेश गिरोह के दो सदस्यों द्वारा किया गया था जिन्होंने रोशन पर दो गोलियां चलाई थीं। जैसे ही फिल्म निर्माता जमीन पर गिरा, हमलावर वहां से भाग गए। लेकिन उन्हें समय पर अस्पताल ले जाया गया और उनकी जान बच गई। चूंकि कहो ना प्यार है एक बड़ी कमर्शियल सक्सेस बन गई थी तो अंडरवर्ल्ड गिरोह लाभ का एक हिस्सा चाहता था।
इस घटना के कुछ सप्ताह बाद हुए सिमी ग्रेवाल के साथ एक इंटरव्यू में रितिक रोशन ने आंखों में आंसू लिए कहा था, 'सदमे से लेकर गुस्से तक अस्पताल के बिस्तर पर डैड को मैंने इस तरह कभी नहीं देखा था। मैं छोड़ना चाहता था, मैं वास्तव में फिल्में छोड़ना चाहता था क्योंकि मुझे पता था कि जो भी उनके साथ हुआ मैं प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उसके लिए जिम्मेदार था।' एक्टर ने आगे कहा, 'मुझे लगता है कि मुझे (फिल्मों को छोड़ना चाहिए) क्योंकि यह बहुत मायूस करने वाला है और हो सकता है, यह बुरे से भी बदतर हो सकता है। मुझे पता है कि मेरे पास वह मौका था। मैंने पहला कदम नहीं उठाया इसलिए मैं इसके बारे में कुछ नहीं करने के लिए किसी और को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकता। मैंने इसके बारे में कुछ नहीं किया।' उन्होंने यह भी कहा कि अगर यह घटना नहीं घटती तो मैं एक अलग शख्स हो सकता था। उन्होंने यह भी शेयर किया कि उन्हें कहो ना ... प्यार है की सफलता का जश्न मनाने का मौका नहीं मिला।
रितिक ने फिल्में छोड़ने का मन बना लिया था